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Monday, April 13, 2026

पाक टॉप टीवी चैनल ने आशा भोसले को दिया ट्रिब्यूट, पाकिस्तानी रेगुलेटर ने जारी किया नोटिस

<p style="text-align: justify;">दिग्गज सिंगर आशा भोसले के निधन पर उनकी खबर, गाने और श्रद्धांजलि चलाने पर पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो न्यूज़ को पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटर अथॉरिटी ने नोटिस जारी किया है.</p> <p style="text-align: justify;">जियो न्यूज के मैनेजिंग डायरेक्टर अजहर अब्बास ने एक्स पर लिखा, 'पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटर अथॉरिटी (PEMRA) ने जियो न्यूज को दिग्गज गायिका आशा भोंसले से जुड़ी सामग्री प्रसारित करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है. आमतौर पर जब किसी महान कलाकार पर रिपोर्टिंग की जाती है, तो उनके काम को याद करना और उसे सेलिब्रेट करना एक परंपरा रही है. खासकर आशा भोसले जैसी शख्सियत के लिए, उनके कालजयी और यादगार गीतों को और व्यापक रूप से साझा किया जाना चाहिए था.'</p> <p style="text-align: justify;"><strong>'कला, ज्ञान को सरहदों में नहीं बांटा जाना चाहिए'</strong></p> <p style="text-align: justify;">आगे उन्होंने लिखा, 'इसके बावजूद, पाकिस्तान के मीडिया रेगुलेटर PEMRA ने इस पर पाबंदी लगाने का फैसला किया है. कला, ज्ञान की तरह, पूरी मानवता की साझा विरासत होती है और इसे सरहदों में नहीं बांधा जाना चाहिए. आशा भोसले खुद पाकिस्तान की मशहूर गायिका नूर जहां की बड़ी प्रशंसक थीं और उन्हें स्नेह से अपनी &ldquo;बड़ी बहन&rdquo; कहती थीं.'</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en">PEMRA has issued a show-cause notice to Geo News for airing content related to the legendary subcontinent singer Asha Bhosle.<br />It has always been customary to revisit and celebrate the work of iconic artists when reporting on them. In fact, for an artist of Asha Bhosle&rsquo;s stature,&hellip; <a href="https://t.co/AuhFPyGZCL">pic.twitter.com/AuhFPyGZCL</a></p> &mdash; Azhar Abbas (@AzharAbbas3) <a href="https://twitter.com/AzharAbbas3/status/2043621481222144257?ref_src=twsrc%5Etfw">April 13, 2026</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;">अजहर अब्बास ने लिखा, 'उन्होंने नुसरत फतेह अली ख़ान के साथ भी काम किया और नासिर काज़मी जैसे महान उर्दू शायरों की शायरी को अपनी आवाज़ दी. युद्ध और संघर्ष के दौर में कला और कलाकारों को इसकी कीमत नहीं चुकानी चाहिए. बुद्धिजीवी, संगीतकार और रचनाकार अक्सर वही आवाज़ होते हैं. जो नफरत और विभाजन के खिलाफ खड़े होते हैं और लोगों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं.'</p> <p style="text-align: justify;">मालूम हो कि पाकिस्तान में 2018 से ही TV चैनलों पर इंडियन कंटेट दिखाने पर बैन है.</p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि आशा भोसले का 12 अप्रैल को निधन हो गया. वो 92 साल की थीं. 13 अप्रैल को उनका अंतिम संस्कार हुआ.</p>

from राजपाल यादव के हाथ से चली गई थी शाहरुख खान की फिल्म, 'ओम शांति ओम' को लेकर किया चौंकाने वाला खुलासा https://ift.tt/U8mdiJx
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